नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण क्या होते है ? जानकारी हिंदी में

प्रेगनेंसी के उपाय

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण
नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण

बहुत सारी महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें नॉर्मल डिलीवरी होने की आशा होती है और देखा जाए तो नॉर्मल डिलीवरी बच्चा पैदा करने के लिए सही तरीका होता है, लेकिन कुछ वर्षों से महिला की डिलीवरी के लिए ऑपरेशन कराना बहुत ही आम बात हो चुका है | डॉक्टर जानते हुए भी कि सिजेरियन डिलीवरी में मां और बच्चे के लिए रिस्की होता है तो भी सिजेरियन डिलीवरी की जाती है |

दोस्तों आप ही सोचो नाइनटीस के दिनों में कभी भी सिजेरियन डिलीवरी नहीं होती थी | क्योंकि तब यह तंत्रज्ञान बिल्कुल नहीं था, हर मां को बच्चा पैदा करने के लिए नॉर्मल डिलीवरी ही की जाती थी |

सिजेरियन डिलीवरी करने से मां को रिकवर होने के लिए बहुत ज्यादा वक्त लगता है, इसलिए ज्यादातर महिलाएं चाहती हैं कि उनकी डिलीवरी नार्मल हो | आज हम जानेंगे नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण क्या होते हैं |

नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण क्या होते है :

  1. ९ महीने जब आपके पेट में आपका बच्चा बढ़ रहा होता है, तब पहले ३ महीने गर्भावस्था के सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं | पहले ३ महीनो में डॉक्टर और घर वालों को प्रेग्नेंट महिला को कई तरह की सावधानियां बरतने के लिए कहना पड़ता है | क्योंकि हम हमेशा देखते हैं प्रेग्नेंट महिला को कोई भी हर बार कहता है कि ज्यादा वजन ना उठाना, खानपान का विशेष ध्यान रखना, हर रोज व्यायाम करना, यह बुजुर्ग लोग प्रेग्नेंट महिला को अक्सर कहते रहते हैं |
  2. प्रेग्नेंट महिलाओं को बुजुर्ग लोग यह सोच समझकर कहते हैं, क्योंकि यह सब अगर प्रेग्नेंट महिला ने अच्छी तरह से किया तो महिला आसानी से नार्मल डिलीवरी हो सकती है | कोई भी बात कहने के पीछे कोई तो मकसद जरूर होता है |
  3. महिला को डिलीवरी से पहले जब प्रसव पीड़ा शुरू होती है तब आपने समझ जाना है कि महिला की नॉर्मल डिलीवरी होगी |
  4. महिला को जब पेशाब करने की हमेशा इच्छा होती है तब भी नॉर्मल डिलीवरी का यह लक्षण होता है | अगर महिला को पेट के निचले हिस्से में दर्द हुआ तो भी आपने समझ जाना है कि महिला की डिलीवरी नार्मल होगी |
  5. नॉर्मल डिलीवरी होने के लिए महिला ने हमेशा तनाव मुक्त रहने का प्रयत्न करते रहना चाहिए, महिला जब प्रेगनेंसी के वक्त के पास आती है तब महिला ने एक्सरसाइज करते रहना चाहिए | नियमित रूप से अगर आप हल्की-फुल्की एक्सरसाइज पहले से ही करोगे तो नॉर्मल डिलीवरी के चांसेस बहुत ज्यादा होते है |
  6. आपने हमेशा पौष्टिक पदार्थों का आपके भोजन में समावेश करना चाहिए, वैसे ही अगर आपको सचमुच नॉर्मल डिलीवरी चाहिए तो आपने ८ से १० घंटे की पूरी नींद लेनी चाहिए | जिससे मां की थकान बिल्कुल चली जाती है और बच्चे का संपूर्ण विकास होता है | इसलिए मां की नॉर्मल डिलीवरी के लिए नींद भी अहम होती है |

यह थे नॉर्मल डिलीवरी के लक्षण |